Monday, 7 November 2016

वैदिक धर्म या आर्य समाज क्या हैं ? what is Vedic religion(dharm) or arya samaj ?


यह एक ऐसी संस्था है जो भारत देश की आजादी से सालों पहले सन् १८७५ ई० में महर्षि दयानंद सरस्वती द्वारा मुम्बई मे स्थापित हुईं थीं ।  यह पंथ, सम्प्रदाय व मज़हब नहीं हैं । श्रेष्ठ, सदाचारी, ईश्वर विश्वासी जनों के संगठन का नाम आर्य समाज है, यह आस्तिक समाज है । यह वैचारिक चिंतनधारा है । इस चिंतन का आधार तर्क, प्रमाण, युक्ति, सृष्टिकर्म, व्यवहार और विज्ञान आदि हैं। सुन्दर, सफल एवं श्रेष्ठ जीवन जीने के लिए आर्य समाज विचार एवं दृष्टि देता है।
इसकी विचारधारा में आध्यनत प्राणी मात्र के कल्याण की आैर मानवता का स्वर मिलाता है। इसका वैचारिक चिंतन मानव मात्र को सीधा, सच्चा व सरल मार्ग बताता है । यह हिन्दुत्व के चिंतन का परिष्कृत रूप है । वैदिक धर्म ईश्वरीय है। इसकी मान्यताएं और सिद्धांत वैज्ञानिक, व्यावहारिक, उपयोगी तथा पूर्ण हैं।
आर्य समाज सत्य सनातन वैदिक धर्म को मानव व समाज की उन्नति का मूल साधन मानता है । अन्य मत, पंथ, मज़हब आदि किसी पीर, पैगम्बर, गुरु द्वारा चलाए हुए हैं, किन्तु वैदिक धर्म ईश्वरीय है और संसार मे सबसे प्राचीन हैं । इससे बढ़कर और कोई धर्म नहीं हैं। यह बहुजन हिताय और बहुजन सुखाय की दृष्टि देता है । यह समाज किसी प्रकार का भेदभाव, ऊचं नीच तथा जाति पाति मे विश्वास नहीं रखता हैं । यह सर्वजन सुलभ ग्राह्य विचारधारा का प्रचारक है।

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