Thursday, 10 November 2016

वेद ज्ञान किसे कहते हैं what is vedas ?



आर्य समाज की मान्यताओं का मूलाधार वेद हैं। वेद ईश्वरीय ज्ञान हैं सृष्टि के आरम्भ में परमात्मा ने प्राणियों के कल्याण के लिए वेदों का ज्ञान प्रदान किया। इसलिए वेद सबके हैं और सबको इनके पढ़ने का अधिकार हैं।

वेदों में अनित्य इतिहास, भूगोल, देश, प्रांत, जाति, वर्ग आदि का वर्णन नहीं हैं। वेद परमात्मा का आदेश, उपदेश और सन्देश है। वेद सब सत्य विद्याओं का आधार हैं। वेद ज्ञान में मानवता का चिंतन है। वेदों की शिक्षाएं और उपदेश संसार को सत्यपथ दिखा देते है। वेद ज्ञान इस देश की महत्वपूर्ण पहचान हैं।

इनकी रक्षा करना, परम्परा को जीवित रखना और पढ़ना पढाना हम सबका पुनीत कर्तव्य हैं। आज जीवन और जगत में सरल, सीधा व सुंदर समाधान प्राण हैं। वेद प्रचार आर्य समाज का मुख्य  उद्देश्य रहा हैं। वेदानुकूल आचरण से ही जीवन में सच्ची, सुख—शांति व आनंद प्राप्त हो सकता है।

स्वामी दयानंद का संसार पर महत्वपूर्ण उपकार हैं, जो उन्होंने वेदों का यथार्थ स्वरूप बताया और दिखाया है। वेद मार्ग ही सत्य एवं श्रेष्ठ हैं। इसी का अनुकरण करना हमारा कर्तव्य है।

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